बीकानेर: निजी स्कूलों में आरटीई के प्रवेश में इस बार भी विलंब, ये वजह आई सामने
बीकानेर: निजी स्कूलों में आरटीई के प्रवेश में इस बार भी विलंब, ये वजह आई सामने
बीकानेर। प्रदेश के लगभग 36 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1 अप्रैल से निशुल्क विद्यार्थियों को प्रवेश में संशय की स्थिति बन रही है। राज्य सरकार इस बार नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है। जिसके तहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी निशुल्क सीटों पर होने वाले प्रवेश के लिए भी इस बार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होनी थी। फरवरी माह शुरू हो गया है मगर राज्य सरकार ने अभी तक निशुल्क प्रवेश का टाइम फ्रेम घोषित नहीं किया है। छात्र-छात्राएं पिछले एक माह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में दिसंबर माह में राज्य सरकार को निशुल्क प्रवेश के प्रस्ताव भिजवाए थे। लेकिन राज्य सरकार ने उन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देते हुए शिक्षा विभाग से दोबारा प्रस्ताव मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा प्रस्ताव बना कर भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। उसी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन आैर लॉटरी की तिथि निर्धारित की जाएगी। पिछले साल 9 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया गया। आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 31 अगस्त को किया गया। जिसमें सामने आया कि 308064 अभ्यर्थियों में से 237407 को प्रदेश के 31720 स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है।
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Khulasa Online Reporter
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