बीकानेर : खेजड़ी बचाओ आंदोलन में अनशन पर बैठे संत की बिगड़ी तबीयत, इस जगह बनाया 100 बेड का अस्थायी अस्पताल
बीकानेर : खेजड़ी बचाओ आंदोलन में अनशन पर बैठे संत की बिगड़ी तबीयत, इस जगह बनाया 100 बेड का अस्थायी अस्पताल
बीकानेर में खेजड़ी बचाने के लिए चल रहे आंदोलन में अनिश्चितकालीन अनशन तीसरे दिन बुधवार को भी जारी है। बिश्नोई धर्मशाला के सामने पब्लिक पार्क में 450 से ज्यादा पर्यावरण प्रेमी, संत और 50 महिलाएं आंदोलन में डटी हुई हैं।
अनशन पर बैठे धवा डोली मठ के महंत संत लाल दास की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। उन्हें पीबीएम हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। कुछ आंदोलनकारियों ने खुद को लोहे की रेलिंग से बांधकर प्रदर्शन किया।
सच्चिदानंद महाराज के नेतृत्व में बड़ी संख्या संत अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा- खुद को सनातनी कहने वाली सरकार निष्ठुर (निर्दयी) बनी हुई है। अन्न-जल त्यागकर बैठे लोगों की तबीयत बिगड़ रही है। कानून नहीं बना तो हालत खराब कर देंगे। बस तारीख बता दो, आमरण अनशन खत्म कर चले जाएंगे।
अनशन के दौरान पर्यावरण प्रेमी महेंद्रकुमार आंखों पर पट्टी बांधकर बैठे हैं। आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक अनशन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
कलेक्ट्रेट और बिश्नोई धर्मशाला के बाहर पुलिस के करीब डेढ़ हजार जवान कड़ी निगरानी कर रहे हैं। वहीं, बिश्नोई धर्मशाला में 100 बेड का अस्थायी अस्पताल बनाया गया है।
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Khulasa Online Reporter
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