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एनएसएस शिविर के द्वितीय दिवस युवाओं की भूमिका और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित रहे सत्र

Jan 31, 2026 Khulasa Online Reporter 10 व्यूज़
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एनएसएस शिविर के द्वितीय दिवस युवाओं की भूमिका और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित रहे सत्र

एनएसएस शिविर के द्वितीय दिवस युवाओं की भूमिका और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित रहे सत्र

बीकानेर। आरएनबी ग्लोबल विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर के द्वितीय दिवस विविध बौद्धिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। दिनभर के सत्रों में युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, सामाजिक चेतना एवं भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े विषयों पर सार्थक विमर्श हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. रजनी रमण झा, प्राचार्य, भीमसेन चोधरी राजकीय महाविद्यालय, लूणकरणसर रहे। उन्होंने “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी तथा युवा सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ” विषय पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा शक्ति तभी सशक्त मानी जाएगी जब वह समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए सजग एवं सक्रिय होगी। व्याख्यान के पश्चात आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने अपने दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्न रखे, जिनका डॉ. झा ने सरल, तार्किक एवं व्यावहारिक ढंग से समाधान प्रस्तुत किया।

इसके पश्चात एनएसएस समन्वयक प्रो. बी. एस. राठौड़ ने युवाओं से जुड़े समकालीन मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बदलते सामाजिक परिदृश्य में युवाओं की भूमिका, मूल्यबोध तथा सामाजिक सहभागिता जैसे विषयों पर व्याख्यान देते हुए विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी डॉ. रजनी रमण झा की पुस्तकों का उल्लेख किया गया। इनमें शोध प्रबंध “राम द्वारा सीता का निर्वासन एवं शंबूक वध सर्वथा झूठी कहानियाँ” तथा उपन्यास “फिर कभी किसी जन्म में” शामिल हैं। वक्ताओं ने बताया कि ये कृतियाँ भारतीय ज्ञान प्रणाली के अनुरूप सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक मूल्यों और वैचारिक संतुलन को उजागर करती हैं तथा समकालीन समाज को आत्ममंथन का अवसर प्रदान करती हैं।

दिन के तृतीय सत्र में विश्वविद्यालय परिसर में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के अंतर्गत Resource Management गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न एसडीजी लक्ष्यों की व्यावहारिक उपयोगिता और संसाधनों के संतुलित उपयोग पर स्वयंसेवकों को जानकारी दी गई।

अंतिम सत्र में डॉ. शैलेंद्र सिंह बारठ ने विद्यार्थियों को प्रबंधन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने संगठन कौशल, समय प्रबंधन एवं नेतृत्व क्षमता जैसे पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को जीवन में सुनियोजित ढंग से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

इन सभी ज्ञानवर्धक गतिविधियों के साथ एनएसएस शिविर के द्वितीय दिवस का समापन हुआ।

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