खेजड़ी बचाओ महापड़ाव: तीसरे दिन भी आंदोलन तेज, 450 से अधिक लोग आमरण अनशन पर, देखे वीडियो
खेजड़ी बचाओ महापड़ाव: तीसरे दिन भी आंदोलन तेज, 450 से अधिक लोग आमरण अनशन पर, देखे वीडियो

खुलासा न्यूज़। बीकानेर में खेजड़ी बचाओ महापड़ाव के तीसरे दिन भी आंदोलनकारियों का जोश और संकल्प पूरी मजबूती के साथ नजर आया। पर्यावरण प्रेमियों ने संतों के सानिध्य में मुंह पर अंगुली रखकर प्रभात फेरी निकाली और खेजड़ी की पूजा-अर्चना कर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया— “हमारे लिए सबसे पहले खेजड़ी है।”
अलसुबह सैकड़ों पर्यावरण प्रेमी कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। तीसरे दिन भी महापड़ाव स्थल पर उत्साह और एकजुटता बनी रही। जानकारी के अनुसार, 450 से अधिक लोग आमरण अनशन पर बैठे हैं, जो खेजड़ी संरक्षण और पर्यावरण बचाने की मांग पर अडिग हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि मरुस्थलीय जीवन, संस्कृति और पर्यावरण संतुलन की रीढ़ है। जब तक खेजड़ी की रक्षा को लेकर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
महिलाओं और संतों की बड़ी भागीदारी
इस अनशन में साढ़े चार सौ से अधिक पर्यावरण प्रेमी शामिल हैं, जिनमें कई संत भी मौजूद हैं। आंदोलन में महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिल रही है। 50 से अधिक महिलाएं अनशन पर बैठी हैं, जिनमें जोधपुर की निरमा बिश्नोई भी शामिल हैं। निरमा बिश्नोई हाल ही में मुकाम में दिए गए अपने बयान को लेकर चर्चा में रही थीं, जहां उन्होंने सरपंचों से अपील की थी कि अवैध कटाई होने पर सबसे पहले सरपंच को ही कार्रवाई करनी चाहिए।
आंखों पर पट्टी बांधकर अनशन
आंदोलन के दौरान एक अनोखा रूप भी सामने आया है। महेंद्रकुमार नामक व्यक्ति आंखों पर पट्टी बांधकर अनशन पर बैठा है। उसका कहना है कि जब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक वह आंखों से पट्टी नहीं खोलेगा।
भारी पुलिस जाब्ता तैनात
आंदोलन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। बीकानेर के सभी शहरी थानों के थानाधिकारी मौके पर मौजूद हैं। आरएसी के जवान और एसटीएफ की टीम भी तैनात की गई है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ से भी पुलिस अधिकारी मौजूद हैं। पुलिसकर्मियों को 8 से 10 घंटे की शिफ्ट में बदला जा रहा है। देर रात तक कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी जा रही है।
शांतिपूर्ण तरीके से जारी आंदोलन
आंदोलन के मुखिया परसराम बिश्नोई और रामगोपाल बिश्नोई ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आमरण अनशन जारी रहेगा।
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Khulasa Online Reporter
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