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भारत पर आज से ट्रंप टैरिफ ख़त्म, भारतीय सामान पर अमेरिकी टैक्स घटकर 18%

Feb 07, 2026 Khulasa Online Reporter 758 व्यूज़
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भारत पर आज से ट्रंप टैरिफ ख़त्म, भारतीय सामान पर अमेरिकी टैक्स घटकर 18%

भारत पर आज से ट्रंप टैरिफ ख़त्म, भारतीय सामान पर अमेरिकी टैक्स घटकर 18%

नई दिल्ली | भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement – ITA) का फ्रेमवर्क जारी किया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय सामान पर लगने वाले टैक्स को 50% से घटाकर 18% कर दिया है। इसके साथ ही रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर लगाया गया 25% अतिरिक्त टैक्स भी हटा लिया गया है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली है। दोनों देशों ने संयुक्त रूप से कहा कि इस फ्रेमवर्क को जल्द लागू किया जाएगा और इसके जरिए व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement – BTA) की दिशा में बातचीत आगे बढ़ाई जाएगी। भारत-अमेरिका के संयुक्त बयान के अनुसार यह फ्रेमवर्क 13 फरवरी 2025 को शुरू हुई BTA वार्ता को आगे बढ़ाने का आधार बनेगा।

बाजार पहुंच और ट्रेड बैरियर घटाने पर फोकस
इस समझौते में आगे चलकर बाजार पहुंच बढ़ाने, सप्लाई चेन मजबूत करने और ट्रेड बैरियर कम करने जैसे अहम प्रावधान शामिल किए जाएंगे। इसके तहत भारत अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों पर कई टैरिफ खत्म या कम करेगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए करीब 30 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 27.18 लाख करोड़ रुपये) के विशाल बाजार को खोलेगा। उन्होंने बताया कि इससे MSME सेक्टर, किसान और मछुआरे सबसे बड़े लाभार्थी होंगे। साथ ही महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

अमेरिका से 500 अरब डॉलर के आयात पर सहमति
पीयूष गोयल के अनुसार भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर (करीब 45.30 लाख करोड़ रुपये) के उत्पाद खरीदने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही दोनों देशों ने यह भी तय किया है कि समझौते के कुछ नियम ऐसे बनाए जाएंगे, ताकि इसका लाभ मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले, किसी तीसरे देश को नहीं।

नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर जोर
भारत और अमेरिका ने इस समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है। ये वे बाधाएं होती हैं जो सीधे टैक्स नहीं होतीं, लेकिन व्यापार को जटिल बना देती हैं। अब तक अमेरिकी मेडिकल डिवाइस कंपनियों को भारत में कीमत तय करने के नियमों, रजिस्ट्रेशन में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। भारत ने भरोसा दिलाया है कि इन पुरानी बाधाओं को दूर किया जाएगा, जिससे अमेरिकी मेडिकल डिवाइस भारत में आसानी से उपलब्ध हो सकें और भारतीय मरीजों व अस्पतालों को बेहतर व सस्ती तकनीक मिल सके।

ICT उत्पादों के लाइसेंस होंगे आसान
अमेरिकी ICT (आईटी और टेक) उत्पादों के आयात के लिए भारत में लाइसेंस प्रक्रिया जटिल और समय लेने वाली थी। अब भारत ने इसे सरल और तेज करने पर सहमति जताई है। इससे अमेरिकी टेक कंपनियों को भारत में बाजार पहुंच आसान होगी और भारत में उपभोक्ताओं को बेहतर व किफायती उपकरण मिल सकेंगे।

अमेरिकी स्टैंडर्ड्स को मान्यता देने पर विचार
संयुक्त बयान में कहा गया है कि समझौते के लागू होने के 6 महीने के भीतर भारत कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में अमेरिकी स्टैंडर्ड्स और टेस्टिंग आवश्यकताओं को मान्यता देने पर विचार करेगा। अभी अमेरिकी उत्पादों को भारत में दोबारा टेस्टिंग से गुजरना पड़ता है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते हैं। यदि अमेरिकी स्टैंडर्ड्स को सीधे स्वीकार किया जाता है, तो दोबारा जांच की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे व्यापार तेज होगा और लागत घटेगी। संयुक्त बयान में यह भी कहा गया है कि इस प्रक्रिया का नतीजा सकारात्मक रखने की कोशिश की जाएगी, ताकि दोनों देशों को अधिकतम लाभ मिल सके।

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