मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेसी की इस चुनौती को स्वीकारा, बोले - मैं तैयार
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेसी की इस चुनौती को स्वीकारा, बोले - मैं तैयार
जयपुर । विधानसभा में गुरुवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- विपक्ष ने पांच साल बनाम दो साल पर बहस की चुनौती थी, मैं चुनौती स्वीकार करता हूं। इसके लिए दस्तावेज सदन में रख रहा हूं। स्पीकर, इस पर बहस का समय तय कर दीजिए। पांच साल बनाम दो साल पर सदन में बहस को तैयार हूं। सीएम के जवाब के बाद सदन की कार्यवाही 11 फरवरी तक स्थगित कर दी गई।
सीएम की ओर से जवाब के दौरान कांग्रेस विधायकों ने दो बार हंगामा किया। पहले एसआईआर को लेकर सीएम ने विपक्ष के आरोपों को गलत बताया तो कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। इसके बाद दो साल बनाम पांच साल पद बहस को लेकर हंगामा हुआ।
सीएम ने नाम लिए बिना कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधा। सीएम ने कहा- जब ये मंत्री थे, तो परेशानी लेकर जाते थे, तो कौनसा बाड़ा था, उसका रास्ता दिखा देते थे। 3 फरवरी को हमारे साथी ने उस बाड़े के बारे में इतिहास बता दिया था।
आज मैं व्यक्ति नहीं, प्रवृति की बात कर रहा हूं, जो कुर्सी जाते ही ज्ञान का ग्रंथ बन जाता है। जब ऊंट खड़ा रहता है, तब तक आदमी को रेत नहीं दिखती। एक हाथ में हुकुमश् दूसरे हाथ रिश्तेदार की सिफारिश। इत्मिहान होते थे, सवाल कागज में नहीं पहले जेब में उतरते थे।
सीएम ने कहा- मेहनती युवा खड़े रह जाते थे। उस वक्त युवाओं की याद नहीं आई, उस वक्त नैतिकता की किताब कहां गई? उस वक्त नैतिकता कहां थी। एक दिन कुर्सी खिसकी, एक चमत्कार हुआ।
कल तक जो लोग घी पीने में व्यस्त थे, वे आज बोल रहे हैं, भ्रष्टाचार है, युवा देश का भविष्य है। है। वाह, पहले घी पी लिया, अब उपदेश दे रहे हैं। सत्ता हाथ में थी, मुंह में माखन था, सत्ता गई तो ज्ञान की मटकी भर गई।
सीएम ने कहा- जब कुर्सी थी, फैसले करने का वक्त था, तब विवेक छुट्टी पर क्यों था? सबसे मजेदार है कि हर मंच पर ईमानदारी का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
ईमानदारी कोई रिटायरमेंट के बाद की योजना नहीं होती। ईमानदारी वो है, जो कुर्सी पर बैठकर दिखाई जाती है। युवाओं को भाषण नहीं, निष्पक्ष परीक्षा चाहिए।
सीएम बोले- मैं चश्मे की व्यवस्था कर देता हूं
नेता प्रतिपक्ष को अब भी विकास नहीं दिख रहा तो मैं चश्मे की व्यवस्था कर सकता हूं। कई विधायकों ने आंकड़ों का मायाजाल रचा। जब हमने राज संभाला तब हालात क्या थे। कांग्रेस को पता था वापस नहीं आएंगे इसलिए अर्थव्यवस्था को कमजोर किया। पिछली सरकार से विरासत में 5 लाख 79 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज मिला था। हमने आने के बाद अर्थव्यवस्था को गति दी।
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Khulasa Online Reporter
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