सोमवार, 20 जुलाई 2026
Header Ad 1
Breaking
‘द केरल स्टोरी 2’ के मेकर्स को झटका, रिलीज से एक दिन पहले हाईकोर्ट ने लगाई रोक; इतने दिन के लिए टली फिल्म रक्षा, एफटीए, यूपीआई से एआई तक : पीएम मोदी-नेतन्याहू के बीच वार्ता में किन मुद्दों पर सहमति बनी; क्या समझौते हुए? जोधपुर में भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा पत्रकारों का स्वागत किया ईडी ने अंबानी का 17 मंजिला घर किया जब्त, इसकी कीमत 3716 करोड़; 40 हजार करोड़ के फ्रॉड मामले में जांच जारी 9 साल बाद इजराइल पहुंचे पीएम मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर किया रिसीव, दोनों देशों के बीच ये डील संभव ‘द केरल स्टोरी 2’ के मेकर्स को झटका, रिलीज से एक दिन पहले हाईकोर्ट ने लगाई रोक; इतने दिन के लिए टली फिल्म रक्षा, एफटीए, यूपीआई से एआई तक : पीएम मोदी-नेतन्याहू के बीच वार्ता में किन मुद्दों पर सहमति बनी; क्या समझौते हुए? जोधपुर में भारतीय सेना ने अंतरराष्ट्रीय रक्षा पत्रकारों का स्वागत किया ईडी ने अंबानी का 17 मंजिला घर किया जब्त, इसकी कीमत 3716 करोड़; 40 हजार करोड़ के फ्रॉड मामले में जांच जारी 9 साल बाद इजराइल पहुंचे पीएम मोदी, इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पत्नी के साथ एयरपोर्ट पर किया रिसीव, दोनों देशों के बीच ये डील संभव

आज पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे: महंगाई, रोजगार और खेती की सेहत का खुलेगा हिसाब

Jan 29, 2026 Khulasa Online Reporter 483 व्यूज़
शेयर:
आज पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे: महंगाई, रोजगार और खेती की सेहत का खुलेगा हिसाब

आज पेश होगा इकोनॉमिक सर्वे: महंगाई, रोजगार और खेती की सेहत का खुलेगा हिसाब

नई दिल्ली। सरकार आज 29 जनवरी को अपना ‘आर्थिक रिपोर्ट कार्ड’ यानी इकोनॉमिक सर्वे पेश करेगी। यह सर्वे बताएगा कि बीते एक साल में महंगाई ने आम आदमी की थाली पर कितना असर डाला, खेती-किसानी की स्थिति कैसी रही और आने वाले समय में रोजगार के क्या अवसर बन सकते हैं।

इन 6 अहम मुद्दों पर रहेगी खास नजर
1. महंगाई: दाल, तेल और सब्जियों की कीमतें क्यों बढ़ीं? क्या आने वाले दिनों में आम लोगों को महंगाई से राहत मिल सकती है?
2. GDP ग्रोथ: क्या भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा? GDP में बढ़ोतरी का मतलब है—निवेश, व्यापार और रोजगार के नए मौके।
3. रोजगार: आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में किसने सबसे ज्यादा नौकरियां दीं? किन क्षेत्रों में छंटनी का खतरा है—यह युवाओं के लिए सबसे अहम हिस्सा होगा।
4. खेती-किसानी: देश की बड़ी आबादी खेती पर निर्भर है। सर्वे बताएगा कि कृषि विकास दर कैसी रही और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार के पास क्या योजनाएं हैं।
5. सरकारी कर्ज (राजकोषीय घाटा): सरकार की आय और खर्च के अंतर की स्थिति क्या है? घाटा कम होने का मतलब है मजबूत अर्थव्यवस्था और महंगाई पर बेहतर नियंत्रण।
6. विदेशी मुद्रा भंडार: वैश्विक मंदी की आशंका के बीच भारत का विदेशी मुद्रा भंडार कितना मजबूत है? इससे रुपये की मजबूती का अंदाजा लगेगा।

इकोनॉमिक सर्वे देश की अर्थव्यवस्था का सालाना रिपोर्ट कार्ड होता है। इसमें पिछले एक साल की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण और आने वाले साल के लिए चुनौतियां, सुझाव व समाधान शामिल होते हैं। इसे आमतौर पर बजट से एक दिन पहले संसद में पेश किया जाता है। वित्त मंत्रालय के इकोनॉमिक अफेयर्स डिपार्टमेंट की इकोनॉमिक डिवीजन यह सर्वे तैयार करती है। इसकी अगुवाई मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) करते हैं। फिलहाल डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन CEA हैं।
यह सर्वे अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर माना जाता है। इससे पता चलता है कि देश की आर्थिक सेहत कैसी है और सुधार के लिए क्या कदम उठाने चाहिए। सरकार पर सर्वे की सिफारिशें मानना अनिवार्य नहीं है, लेकिन आमतौर पर बजट तैयार करते समय इन्हीं सुझावों को आधार बनाया जाता है। भारत का पहला इकोनॉमिक सर्वे 1950-51 में पेश हुआ था। 1964 के बाद से इसे बजट से अलग कर दिया गया और तब से यह हर साल बजट से एक दिन पहले पेश किया जाता है।

Article Ad 2
Khulasa Online Reporter

लेखक

Khulasa Online Reporter

this is descriptions

1,104 प्रकाशित खबरें

रिपोर्टर प्रोफ़ाइल
शेयर करें:
Article Ad 2

संबंधित ख़बरें